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बड़ी खबर – अब उत्तराखण्ड का होगा अपना चैनल डी डी उत्तराखण्ड, फिल्म इंडस्ट्री को विकास की उम्मीद

dd uttarakhand

देहरादून। वैसे तो उत्तराखंड पृथक राज्य बने हुए पूरे 19 साल बीत चुके है। लेकिन आज तक उत्तराखण्ड का कोई अपना रीजनल सेटेलाइट चैनल नहीं है, कई सरकारें आयी और गयी लेकिन क्षेत्रीय बोली भाषा के कार्यक्रमों को सही मंच देने के लिए किसी सरकार ने गंभीरता से कार्य नहीं किया। लेकिन देर से ही सही खबर आ ही गयी कि अब उत्तराखण्ड का अपना रिजिनल सेटेलाइट चैनल डीडी उत्तराखण्ड जल्द ही लॉंच होगा।

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उत्तराखण्ड की अपनी एक समृद्ध एवं गौरवशाली सांस्कृतिक परंपरा रही है किसी भी सभ्यता एवं संस्कृति में सांस्कृतिक गतिविधियां अहम भूमिका निभाती है। उत्तराखण्ड की संस्कृति को देश दुनिया तक प्रचारित करने में उत्तराखंड के लोक कलाकारों, लोक गायको एवं फिल्मी हस्तियों ने अपनी जी-जान लगा रखी है। इस विधा से जुड़े हर कोई किसी न किसी तरह से उत्तराखण्ड की संस्कृति को आगे बढ़ाने का काम कर रहा है। उत्तराखण्ड में कलाकारों का पलायन स्वाभाविक हो गया है क्योंकि यहां पर अपना कोई चैनल नहीं है। उत्तराखण्ड विकास परिषद का गठन भी पूर्ववर्ती हरीश रावत सरकार में हुआ था। जब तक फिल्म विकास बोर्ड अस्तित्व में आता त्रिवेन्द्र सरकार ने उसे भंग कर दिया जिससे उत्तराखण्ड के फिल्म कलाकारों और निर्माताओं में एक बार फिर से मायूसी छा गयी। उत्तराखड सरकार द्वारा क्षेत्रीय कलाकारों और निर्माताओं को तवज्जो ना के बराबर दी जाती है जिससे उत्तराखण्ड में क्षेत्रीय फिल्म विकास का बंठाधार हो रखा है।

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अब देखने वाली बात यह है कि डी.डी उत्तराखण्ड कब तक अस्तित्व में आता है जैसे ही सोशल मीडिया में राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी का ट्वीट आया, फिल्मकारों में एक उम्मीद की नई किरण जाग उठी। बता दें कि श्री बलूनी ने प्रधानमंत्री मोदी का आभार भी व्यक्त किया है। इसके साथ साथ उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत ने भी ट्वीट कर कहा कि निश्चित रूप से डी.डी. उत्तराखण्ड हमारे राज्य की संस्कृति संभ्यता को प्रचारित करके श्रेष्ठ भारत की संकल्पना को मजबूती देगा। आपको बता दे कि इससे पहले उत्तराखण्ड फिल्म और कला विधा के एसोसिएशन उफतारा ने भी कई बार धरना प्रदर्शन और पत्राचार के माध्यम से राज्य और केन्द्र सरकार से उत्तराखण्ड को डी.डी उत्तराखण्ड देने की मांग की थी जिस पर सरकार ने उन्हें भरोसा दिया था कि जल्द ही यह मांग पूरी कर दी जायेगी। इस खबर के पुख्ता होने के बाद उफतारा के पदाधिकारियों में भी खुशी की लहर है।

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काँता प्रसाद

हमने उफतारा के पदाधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की और उफतारा के पूर्व अध्यक्ष और महासचिव कान्ता प्रसाद ने बताया कि ‘‘यह बहुत खुशी की बात है कि दूरदर्शन उत्तराखण्ड में भी रिजिनल लेंग्वेज सेटेलाइट सर्विस चैनल शुरू करने जा रहा है। इस चैनल का नाम डीडी उत्तराखण्ड होगा जिसमें गढ़वाली, कुमांउनी व अन्य बोलियों में समाचार व अन्य कार्यक्रम सुनने को मिलेंगें। जाहिर है इससे उत्तराखण्ड की क्षेत्रीय बोली भाषा को प्रोत्साहन मिलेगा, चैनल का प्रसारण 24 घंटे होगा तो स्थानीय कलाकारों को भी मौका मिलेगा’’।

चंद्रवीर गायत्री
चंद्रवीर गायत्री

उफतारा के वर्तमान अध्यक्ष चन्द्रबीर गायत्री का कहना है कि ‘‘दूरदर्शन के रिजिनल चैनल खुलने से राज्य के कलाकारों व साहित्यकारों और यहां की बोली भाषा को भी बढ़ावा मिलेगा। और साथ ही कहा कि डी.डी. उत्तराखण्ड में राज्य और राज्य के वासियों को अधिक मौका मिलना चाहिए’’।तकनीकी रूप से डी डी उत्तराखण्ड मजबूत बने जिससे इसके दूरसंचार में कोई रूकावट न आए और स्थानीय वासियों को अपने कार्यकर्म देखनेको मिलें

प्रदीप भंडारी

डी.डी. उत्तराखण्ड के लिए आवाज उठाने वाले पहले शख्श उफतारा के संस्थापक अध्यक्ष प्रदीप भण्डारी का कहना है कि “दूरदर्शन अपलिंकिंग का श्रेय वर्तमान सरकार बिलकुल न ले यह हम सब सक्रिय आंदोलनकारी लोगों के तप का असर है हमारी निरंतर मांग पर प्रस्ताव 2014 में ही पास कर लिया था” साथ ही उन्होंने प्रसार भारती को भेजे गए पत्र की भी एक प्रति संलग्न की है जिसमे उत्तराखण्ड में दूरदर्शन के प्रसारण की अवधि 24 घंटे करने एवं दूरदर्शन को सभी डी.टी.एच्. से अपलिंक कराने का भी उल्लेख है।
pradeep bhandari

हिलीवुड न्यूज उत्तराखण्ड फिल्म एवं संस्कृति जगत को डी डी उत्तराखण्ड के लिए हार्दिक बधाई देता है।
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RAKESH DHIRWAN

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One Comment

  • Bahut sundar,ab uttrakhand kalakaro ka utsahvardhan hoga,good work.

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